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चाची सेक्स स्टोरी हिंदी में


चाची सेक्स स्टोरी हिंदी में. दोस्तों आज हम लेकर आए हैं एक और नई कहानी

यह ससुर और बहू की मजेदार कहानी है पूरी

कहानी सुनने के लिए अभी वीडियो को लाइक

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नोटिफिकेशन बेल को दबाना ना भूले ससुर जी

आप यह क्या कर रहे हैं छोड़िए मुझे मुझसे

दूर हट जाइए अरे बहू क्या कर रहा हूं मैं

तो बस तुम्हारी पीठ पर दवा लगा रहा हूं

ताकि तुम्हारे पेठ में दर्द ना हो तुम पेठ

दर्द की वजह से सुबह से परेशान आओ मैं

तुम्हारी पीठ पर थोड़ी सी दवा लगा देता

हूं पापा जी मैं आपको कह रही हूं कि आप

अभी इसी वक्त मेरे कमरे से बाहर चले जाइए

वरना मैं सबको चीक चीक के यहीं पर बुला

लूंगी मेरा नाम आरती है मैं भी शादी के

बाद अपने मन में हजारों सपने लिए अपने

ससुराल आई थी लेकिन शायद सबके सपने पूरे

नहीं होते मेरी शादी आदित्य के साथ लगभग

5च महीने पहले हुई थी शादी के बाद मैं

आदित्य के साथ बहुत खुश थी लेकिन शादी के

दो महीने बाद ही ससुर जी ने आदित्य को काम

की वजह से दूसरे शहर भेज दिया और अब

आदित्य वहीं पर काम के बीच फंस कर रह गया

मैं बस उनसे रोज रात को फोन पर बात कर

लिया करती और उनके बिना कमरे में अकेली

रहती थी इसी तरह से मेरे दिन गुजर रहे थे

मेरे ससुराल में मैं और मेरे पति के अलावा

मेरे ससुर जी और मेरा छोटा देव भी था मेरा

छोटा देवर कॉलेज की पढ़ाई कर रहा था और

मेरे ससुर जी घर पर ही रहकर अपना कारोबार

संभालते थे वह अपने कारोबार का ज्यादातर

काम घर से ही करते थे इसलिए उनका ज्यादातर

समय घर पर ही बीतता था मेरी सास इस दुनिया

में नहीं है वह 4 साल पहले गुजर गई थी

मेरे ससुर जी जब देखो तब मुझे किसी ना

किसी काम से रोका टोकी करते रहते थे यहां

तक तो फिर भी ठीक था वह ज्यादा समय मेरे

आस पास ही रहते थे और मुझे काम करते हुए

बैठकर घूरते रहते थे मैं उन्हें कुछ कह भी

नहीं पाती थी मैंने अपने पति से भी कई बार

इन बातों को बताने की कोशिश की लेकिन मैं

कह नहीं पाती थी मैं इस माहौल से निकलकर

अपने पति आदित्य के साथ शहर जाना चाहती थी

लेकिन मैं चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रही थी

मैंने आदित्य से बात की थी तो उन्होंने

बताया कि मुझे पापा जी ने साफ मना कर दिया

है कि को अपने साथ ना ले जाना मैं अकेली

घर का सारा काम करके थक जाया करती थी मेरी

शादी से पहले तो घर में काम करने वाली

नौकरानी थी लेकिन मेरी शादी होते ही ससुर

जी ने नौकरानी को हटा दिया यह कहते हुए कि

हम लोग हैं ही कितने लोग क्या दो लोगों का

काम भी बहू नहीं कर पाएगी मैंने भी सोचा

चलो कोई बात नहीं घर का काम करने में कैसी

समस्या मैं सुबह जल्दी उठकर सबके लिए

नाश्ता बनाती घर की साफ साफ सफाई करती

कपड़े धोती घर के सभी काम करती लेकिन किसी

भी काम में जरा सी भी देर हो जाती तो ससुर

जी मेरे पास उसी जगह चक्कर लगाना शुरू कर

देते एक दिन मुझे सुबह उठने में थोड़ी सी

लेट हो गई और मैं नहाने के लिए बाथरूम में

गई तो मेरे ससुर जी बाथरूम तक आ गए और उस

समय मैं नहा रही थी बाथरूम का दरवाजा

जोर-जोर से बजाने लगे बहू क्या कर रही हो

क्या यह समय है नहाने का घर की बहू को

सुबह 5:00 बजे उठकर ही नहा लेना चाहिए और

तुम सुबह 7:00 बजे नहा रही हो नाश्ता कब

मिलेगा दोपहर में उन्होंने कहा जल्दी से

बाहर निकलो मैं नहा चुकी थी लेकिन ससुर जी

के दरवाजे पर खड़े होने की वजह से मैं

बाहर नहीं निकल पा रही थी क्योंकि मैं

अक्सर साड़ी अपने कमरे में ही जाकर पहनती

थी क्योंकि बाथरूम के अंदर साड़ी गीली हो

जाती थी लेकिन मैं ससुर जी से यह कैसे

कहूं कि आप पहले बाथरूम के दरवाजे से हट

जाइए तभी मैं बाहर आ पाऊंगी लेकिन ससुर जी

तो बिना रुके दरवाजा बजाए जा रहे थे और

जैसे-जैसे मैं देर कर रही थी वैसे-वैसे

ससुर जी और भी ज्यादा गुस्से में आकर

दरवाजा पीटे जा रहे थे जैसे ही मैं बाथरूम

से बाहर आई तो ससुर जी ने चिल्लाना बंद कर

दिया और मुझे बस एकटक देखने लगे मैं जल्दी

से अपने कमरे की तरफ भागी और मैंने कमरे

के अंदर घुसकर अपने कमरे का दरवाजा बंद कर

लिया वो मुझे लगातार बस घूरे ही जा रहे थे

एक दिन मैं रसोई में फिसल कर गिर गई जिसकी

वजह से मेरी कमर में थोड़ी सी चोट आ गई

मेरे गिरने की आवाज सुनकर मेरे ससुर जी

रसोई में आए और मुझे गिरा हुआ देखकर मेरे

पास आकर कहते हैं अरे बहू तुम कैसे गिर गई

आओ चलो मैं तुम्हें उठाता हूं गिरने की

वजह से मुझे कुछ ज्यादा ही चोट आ गई थी

जिसकी वजह से मैं अपने आप उठ नहीं पा रही

थी उन्हों उ ने मुझे पकड़ा करर उठाने की

कोशिश की मैंने अपने ससुर जी से कहा नहीं

पापा जी मैं अपने आप उठ जाऊंगी आप रहने

दीजिए लेकिन फिर भी वह मुझे बार-बार कहने

लगे अरे नहीं बह तुम्हें इतनी ज्यादा चोट

लगी है तुम कैसे उठ पाओगी चलो मैं ही

तुम्हें कमरे तक छोड़ आता हूं मैं ससुर जी

से बार-बार दूर रहने के लिए कहने लगी आप

मुझे छोड़ दीजिए मैं अपने आप उठ जाऊंगी

मेरी आवाज सुनकर मेरा देवर रसोई में आ

जाता है और मुझे ऐसी स्थिति में देखकर

पूछने लगता है अरे भाभी आप जमीन पर लेटकर

क्या कर रही हैं मैंने कहा देवर जी मेरा

पैर अचानक से यहां फिसल गया और मेरे बहुत

ज्यादा चोट आ गई इसलिए क्या आप सहारा देकर

मुझे मेरे कमरे तक छोड़कर आ सकते हैं मेरे

देवर ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे सहारा देते

हुए मेरे कमरे तक छोड़ दिया मैं अपने

बेडरूम में लेट गई लेकिन मुझे उस समय समझ

नहीं आ रहा था कि मैं बाम कैसे लगवा हं जब

तक मेरे देवर घर पर थे तब तक तो मेरे ससुर

जी मेरे कमरे में नहीं आए लेकिन जैसे ही

देवर घर से बाहर चले गए तभी मेरे ससुर जी

मेरे कमरे के अंदर आकर कहते हैं अरे बह

तुम मुझसे इतना ज्यादा नाराज क्यों रहती

हो लाओ मैं तुम्हारी कमर पर दवा लगा देता

हूं यह कहते हुए ससुर जी ने दवा उठाकर

मेरी कमर पर लगाना शुरू कर दिया मैंने

गुस्से में आकर अपने ससुर जी से कहा पापा

जी आप यहां से बाहर चले जाइए मैं आपको

बहुत दिनों से देख रही हूं कि आप किसी ना

किसी बहाने से मेरे करीब आने की कोशिश

करते हैं मुझे समझ नहीं आता आप ऐसा क्यों

कर रहे हैं मैं आपकी बहू हूं और बहू बेटी

के समान होती है आप अभी इसी वक्त यहां से

चले जाइए तभी एकदम से ससुर जी गुस्से में

कहते हैं जवान देवर का सहारा लेकर तुम

खड़ी हो सकती हो लेकिन जब वही सहारा मैं

तुम्हें दे रहा था तब तुम्हें परेशानी हो

रही थी क्या जवान लोगों का छूना ही

तुम्हें अच्छा लगता है अपने ससुर के मुंह

से ऐसी बातें सुनकर मैं बिल्कुल हैरान रह

गई वो कहने लगी बहू दवा तो मैं आज लगा कर

ही रहूंगा मैं बार-बार अपने ससुर जी को

मना कर रही थी तभी अचानक से मेरे पति वहां

पर आ जाते हैं और ससुर जी को इस हाल में

देख लेते हैं फिर वह मुझसे पूछते हैं अरे

तुम्हें क्या हो गया है तुम यहां पर ऐसे

क्यों पड़ी हुई हो फिर मैंने अपने पति को

सारी बात बता दी ससुर जी ने मेरी बात

सुनकर राते हुए कहा अरे कैसी बातें कर रही

हो बहू मैं तो बस तुम्हारी दवा इसलिए लगा

रहा था कि अगर ज्यादा चोट लगी रही तो फिर

तुम्हें ज्यादा तकलीफ होगी घर में और कोई

तो है नहीं इसलिए मैंने सोचा कि चलो मैं

ही दवा लगा देता हूं मेरे पति ने अपने

पापा को कुछ नहीं कहा लेकिन मेरे पति

आदित्य ने फैसला किया कि अब वो मुझे

छोड़कर कभी भी शहर नहीं जाएंगे और अब सभी

लोग एक साथ घर पर रहेंगे मेरे पति ने अपने

पापा से भी बात की उनको उनकी मर्यादा में

रहने के लिए समझाया दोस्तों कहानी अच्छी

लगी हो तो शेयर

[संगीत]

करें

dicoporn.com
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चाची सेक्स स्टोरी हिंदी में

Title: चाची सेक्स स्टोरी हिंदी में

Views:   0 views

Added on: January 9th, 2024

 sex stories in hindi

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